Lady Shri Ram College

Lady Shri Ram College
Excellence in women’s education


 

Excellence in women’s education

91-11-26434459
principal@lsr.du.ac.in

Lajpat Nagar-IV
New Delhi – 110024

As I take on the responsibility of leading this remarkable institution, it is a moment of profound humility and an overwhelming sense of homecoming. Long before I had the privilege of shaping this institution, this institution shaped me. As a daughter of the sacred soil of LSR, I look forward to making strong and steadfast contributions to nation building, as generations of women at LSR have historically done through their unwavering focus on Lakshya, Sadhna, Rachna.

At LSR, we have a long-standing history of empowering young women to assume leadership roles. To ensure that such success becomes the norm rather than the exception, we must look closely at the current climate of women’s leadership in India. The new Women Leadership in Corporate India 26 report shows a widening gap between intent, ambition and outcome. Only 10% of women currently occupy leadership roles; 1% board-level positions. The problem is not entry or aspiration but progression.

In the years that follow, it will be our collective mission to transform Lady Shri Ram College for Women from a leading educational enclave to a global driver of gender positive knowledge and leadership. A space where young women feel seen, supported and challenged to reach their full potential. A space where classrooms turn into policy incubators- where the work we do goes beyond the archives of literature, crucially shaping policy and praxis in the real world- transforming the world for the better. It is my sincere belief that in the troubled and troubling times we live in, more than ever, we need women to lead the way to a better and more peaceful tomorrow. It is our ardent commitment therefore, to nurture women confident of going beyond every glass ceiling even as they interrogate and challenge oppressive structures of caste, class and patriarchy. Let us continue to break barriers and go where no woman or man has gone before.

The NEP 2020 has reinvigorated our emphasis on interdisciplinarity, academic flexibility, holistic learning, and Indian culture and history. Ever synonymous with Leadership, Scholarship and Reinvention, we shall continue to redefine pedagogies of care and vocabularies of responsiveness. I invite you all to join me in fearless imagination of LSR as a globally recognized knowledge creating hub where quality education, purpose and impact come togetherIt is my ardent hope and vision for the road ahead that we will continue to combine the best of our strengths and collectively build on our legacy of excellence and our own special brand of ‘magic’ at LSR, as we await history to be written again.

Prof Kanika K. Ahuja
Principal
Lady Shri Ram College for Women

दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान, एल.एस.आर में, हम युवा महिलाओं को पोषित करने और उन्हें तेज़ी से बदलती, परस्पर-निर्भर दुनिया में सफलता के लिए तैयार करने के विशिष्ट अभियान में कार्यरत हैं। एल.एस.आर की स्थापना स्वर्गीय सर श्री राम ने 1956 में अपनी पत्नी की स्मृति में की थी।उनका स्वप्न था “अधिक शिक्षा; महिलाओं के लिए अधिक शिक्षा; तथा अधिक महिलाओं के लिए और अधिक शिक्षा”। उनके इसी सपने को साकार करने के लिए यह महाविद्यालय हमेशा से ही संकल्पबद्ध रहा है।
आज, एलएसआर नेतृत्व, विद्वता और नवप्रवर्तन का पर्याय बन गया है। चाहे वह शैक्षणिक हो, पाठ्येतर गतिविधियाँ हों या सह-पाठ्यचर्या गतिविधियाँ, एल.एस.आर ने बार-बार खुद को साबित किया है। हमें देशव्यापी सर्वेक्षणों में शीर्ष स्थान मिला है और NAAC मान्यता प्रक्रिया के दूसरे चक्र में A++ ग्रेड प्राप्त हुआ है। हमारी पूर्व छात्राएँ वैश्विक और घरेलू मंचों पर अपनी छाप छोड़ती आ रही हैं, जिससे हमें हर दिन गर्व महसूस होता है। कॉलेज के कुछ प्रमुख पूर्व छात्रों में नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की, ओलंपियन मनु भाकर, विनीता बाली, नैना लाल किदवई, उषा थोराट, अनुप्रिया पटेल, गीता चंद्रन, न्यायमूर्ति गीता मित्तल, पिंकी आनंद, निधि राजदान आदि शामिल हैं।

यह कॉलेज दक्षिण दिल्ली में 15 एकड़ के परिसर में स्थित है, जिसमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) से सुसज्जित कक्षाएँ, विशाल सेमिनार हॉल और प्रयोगशालाएँ हैं। यहाँ सोलह जीवंत अध्ययन पाठ्यक्रम संचालित होते हैं, जिनमें से दो व्यावसायिक पाठ्यक्रम (प्राथमिक शिक्षा और पत्रकारिता) हैं।

एल.एस.आर का परिसर दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे हरे-भरे और सबसे सुंदर परिसरों में से एक माना जाता है। यही कारण है कि पिछले 28 वर्षों से हम दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित “ग्रीन कप” जीत रहे हैं। सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप, हम अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने, पुनः उपयोग करने और पुनर्चक्रण की स्थायी प्रथाओं को अपनाने का प्रयास किया है।

एलएसआर का एक महत्वपूर्ण शिक्षण संसाधन है हमारा पुस्तकालय जहाँ डेढ़ लाख से भी ज़्यादा पुस्तकें उपलब्ध हैं और कई ई-संसाधनों और मुद्रित पत्रिकाओं की सदस्यता वाला डिजिटल पुस्तकालय भी मौजूद है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, हम एक छात्र-केंद्रित, नवोन्मेषी, अंत:अनुशासनिक और समावेशी शिक्षा पद्धति का पालन कर रहे हैं। एल.एस.आर एक शोध-आधारित संस्कृति को बढ़ावा देने वाला कॉलेज है, जहाँ विभिन्न विभागों के शोध क्लब हैं और विभागों के अपने अकादमिक जर्नल प्रकाशित होते हैं।

विश्वविद्यालय परीक्षाओं में कॉलेज के परिणाम उत्कृष्ट रहे हैं। हमारे संकाय सदस्यों को उनकी शैक्षणिक विशेषज्ञता और व्यावसायिक क्षमता के लिए मान्यता प्राप्त है।

कक्षा के बाहर, एल.एस.आर की छात्राओं को -“अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम कार्यालय “,जैसे प्लेटफार्म के माध्यम से समग्र विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं , जिसका सहयोग साइंस पो, पेरिस, मैक्वेरी विश्वविद्यालय (ऑस्ट्रेलिया) और सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ है। एन.एस.ओ, एन.सी.सी और एन.एस.एस के साथ साथ , 30 से अधिक सक्रिय छात्र समितियां छात्राओं के सर्वांगीण विकास के अनेक अवसर उपलब्ध करवाती हैं।

एलएसआर में प्रदान की जाने वाली प्लेसमेंट अति विशिष्ट और अनुकरणीय हैं, जिसमें मैकिन्से, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, बैंक ऑफ अमेरिका, केपलर कंसल्टिंग, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डी.ई.शॉ आदि जैसे उद्योग के दिग्गजों की भागीदारी देखी जाती है।
छात्रों को कई आउटरीच कार्यक्रमों का लाभ मिलता है जो उन्हें सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने के अवसर प्रदान करते हैं।

समानता और सद्भाव , एल.इस.आर कॉलेज का प्राथमिक मूल्य है और संस्थान के पास एक मज़बूत फ्रीशिप-स्कॉलरशिप कार्यक्रम है जो यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय कमी युवा महिलाओं की शिक्षा में बाधा न बने। कॉलेज का समान अवसर प्रकोष्ठ और रीच जैसे कार्यक्रम ,हाशिए की पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों और दिव्यांग छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने की सतत कोशिश करते है।

एलएसआर कभी भी ऐसा संस्थान नहीं रहा है जो केवल अपनी पिछली उपलब्धियों पर आश्रित रहे। यह संस्थान तो निरंतर उत्कृष्टता की आकांक्षा रखता है। । एनईपी 2020 के अंतर्गत अंतःअनुशासनिकता , शैक्षणिक लचीलेपन, समग्र शिक्षा और भारतीय संस्कृति व इतिहास पर फिर से ज़ोर दिया गया है।

हम एन.ई.पी के स्नातक शिक्षण के चौथे वर्ष की शुरुआत कर रहे हैं और इसकी जटिलताओं से गुज़र रहे हैं। ऐसे में हमें अपने सबसे ज़रूरी लक्ष्य से नज़र नहीं हटानी है , जो कि है -एक ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना जहाँ हम आज की युवतियों को कल की पथप्रदर्शक बनने के लिए तैयार करें— चाहे वह शोध, तकनीक, अर्थशास्त्र,राजनीतिक नेतृत्व वैश्विक वकालत या कोई भी अन्य क्षेत्र क्यों न हो।हमारा प्रयास है बाधाओं को तोड़ते रहने का और वहाँ पहुँचने का जहाँ पहले कोई महिला या पुरुष नहीं गया।

आगे की राह के लिए मेरी प्रबल आशा और दृष्टि यही है कि हम अपनी सर्वश्रेष्ठ शक्तियों को संयोजित करते रहेंगे और एलएसआर में उत्कृष्टता की अपनी विरासत और अपने विशेष ‘जादू’ को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाएँगे, क्योंकि हम इतिहास के फिर से लिखे जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

प्रोफेसर कनिका के. आहूजा,
प्राचार्या,
लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन

Prof Kanika K. Ahuja
Acting Principal
Lady Shri Ram College for Women